रात का आलम दर्द -दे-जुदाई,
और मेरी तनहाई है।।
लौट के आजा जाने ,
जाने वाले याद तेरी फिर आई है।।
तर के तालुक करने वाले ,
तुझको ए भी याद नही।।
साथ जियेगे साथ मरेगे ,
तुमने कसम ए खाई है।।

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